सोमवार, 10 फ़रवरी 2014

जिन महलों में हमारा आशियाना नहीं

किसी से वहाँ का पता क्या पूछना ! – लिली कर्मकार 

शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

ध्यान रखना ज़रूरी है

हर चीज़ को बनने में वक़्त लगता है तोड़ने में तो 1 Second ही काफी है | और एकबार कोई चीज़ टूट जाती है तो जोड़ना मुश्किल है | इसलिए हर एक चीज़ और हर एक रिश्ते का ध्यान रखना ज़रूरी है |

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

इज्ज़त

इज्ज़त पाने के लिए पहले इज्ज़त देना पड़ता है | यह बात छोटे-बड़े सभी के लिए एक ही समान मायने रखती है | बड़े, बच्चों के प्रति इतना सख्त रवैया अख्तियार न करें, कि बच्चों को अभिभावक के आगे डर के मारे छोटी-छोटी बातों को ले कर झूठ बोलना पड़े | और बच्चे कोई ऐसा काम न करें कि हमेशा उन्हें बड़ों के सामने झूठ बोलना पड़े | जिससे की बड़ों का भरोसा टूटे या बड़ों के भरोसे को ठेस पहुंचे। हर परिस्थिति में अपने आपको सहज बनाए रखना ही सबसे बड़ी कला है |

गुरुवार, 16 जनवरी 2014

भोजन

भोजन पेट की संतुष्टि से ज़्यादा मन की संतुष्टि से करना चाहिए | 

सोमवार, 13 जनवरी 2014

सकारात्मक होना बहुत ज़रूरी है

कुछ दर्द ऐसे होते है जो जीवन भर के साथी बन जाते है वो चाहे शारीरिक हो या मानसिक | उन दर्दों को हम जितना सोचते है उतना ही ज़्यादा महसूस होते है | इसलिए ऐसी चीजों को ज़्यादा न तो सोचना है और न तो महसूस करने का मौका देना चाहिए | बस जीवन को जीना है दर्द को भुला कर, क्योंकि हमारे सामने बहुत सारी अच्छी चीज़ें होती है महसूस करने के लिए, लेकिन दर्द में हम इतना डूब जाते है की अच्छी चीजों को हम महसूस ही नहीं कर पाते | जीवन को जीने के लिए सही मायने में हमे सकारात्मक होना बहुत ज़रूरी है |

रविवार, 5 जनवरी 2014

संतुष्टि

"कभी कभी अपनों को संतुष्ट करके हमें अपार संतुष्टि मिलती है |"

असंतुष्ट

प्यार को अगर हम दिमाग से सोचेंगे तो सही रूप में समझ नहीं पाएंगे | कहीं-न-कहीं हमें सबकुछ गलत नज़र आएगा और जहाँ प्यार से ज़्यादा दिमाग चलता है वहाँ सच्चा प्यार नहीं हो सकता | लेकिन आज के जमाने में दिमाग चलना भी ज़रूरी हैं क्योंकि परिवेश और सोच अब बहुत ज़्यादा भौतिकवादी हो गया है तो हमें कहीं आगे चल कर धोखा ना मिल जाए, इसका भी खयाल रखना पड़ता है | आज इन सारे कारणों के चलते ज़्यादातर लोग अपने रिश्ते को सही ढंग से जी ही नहीं पाते है और हमेशा अपने आप से और सामनेवाले से कहीं-न-कहीं असंतुष्ट रहते है |