मंगलवार, 20 मई 2014

इंसान जब बहुत खुश होता है तब भी कुछ नहीं बोल पाता और जब हद से ज्यादा दुखी होता है तब भी कुछ नहीं बोल पाता ।। दोनों परिस्थिति में इंसान बस मूक दर्शक मात्र ही बन कर रह जाता है ।।

रविवार, 18 मई 2014

अगर आप जीत कर भी असभ्य है तो तो हार कर भी मुस्कुराने वाला हार कर भी न जाने क्या क्या जीत लेता है ....... विजेता बनिए विनम्र रहिये जिंदगी में न जाने कितनी कामयाबियां मिलेंगी |

बुधवार, 7 मई 2014

अपनी स्वतन्त्रता बनाए रखिए और आज़ादी का जज्बा दिल पर जलाए रखिए |
सच्चा ज्ञानी व्यक्ति अपने ज्ञान की सीमा जनता है | अल्पज्ञ अपने आपको सर्वज्ञानी समझ कर अहंकारी हो जाता है |

गुरुवार, 24 अप्रैल 2014

'रेप'

'रेप' जैसा घृणित अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति नाबालिग नहीं हो सकता न जाने कितने मानवता के अपराधी कानून की इस कमी का लाभ उठा के बच जाते है भारत सरकार को रेप जैसे अपराधों में से अपराधी के नाबालिग होने जैसी 'सुविधा' को हटा देना चाहिए साथ ही ऐसे संज्ञेय अपराध करने वालों को मिलने वाली अन्य सहूलियतें भी समाप्त होनी चाहिए .....!!

मानव तस्करी

माना की देश में गरीबों की संख्या ज़्यादा है लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं होता है कि इंसान इंसान को ही बेच दे ! कितने गरीब माँ बाप होते है जिनके बेटे या बेटी को शहर में काम का हवाला दे कर लाया जाता है और वे लोग फिर कभी भी अपने घर लौट कर नहीं जाते | इस मानव तस्करी (Human trafficking) के ऊपर सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए |

बुधवार, 16 अप्रैल 2014

संवेदनशील इंसान कभी कभी छोटी छोटी बातों को बहुत ज्यादा सोच कर अपनी सारी ख़ुशी को दफ़न कर देता है |