शुक्रवार, 7 मार्च 2014

बोझ

हम किसी के जीवन में अनजाने ही बोझ बन जाते हैं | कभी कभी यह सामने वाले की महानता होती है कि वो हमारे सम्मान केखातिर चुप रहते हैं, और जब हमें इस बातका एहसास होता है तब वहां से हमें निकालजाना चाहिए और उसे शांति से जीने देना चाहिए |

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2014

जब कोई भावनाओं को ना समझे, उनके सामने हम अपने भावनाओं को दबाने के अतिरिक्त और कुछ नहीं कर सकते | लड़ कर जंग जीत सकते हैं हम परन्तु किसी का मन नहीं जीत सकते |

रविवार, 16 फ़रवरी 2014

Strong Image

किसी इंसान के सामने अपनी Strong Image बनाने के लिए Desperately कुछ भी कह देना बहुत आसान होता है | लेकिन कह हुये शब्द को कार्य क्षेत्र में वास्तविक रूप देना बहुत मुश्किल होता है | 

शनिवार, 15 फ़रवरी 2014

'जीने दो'

'जीने दो' ये शब्द अपने आप में ही बहुत कुछ कहते हैं | कोई इंसान अगर बार-बार किसी इंसान से कहे 'जीने दो' , तो यह समझने वाली बात है कि वो इंसान सामनेवाले इंसान की हरकतों से कितने दर्द में है |

सोमवार, 10 फ़रवरी 2014

जिन महलों में हमारा आशियाना नहीं

किसी से वहाँ का पता क्या पूछना ! – लिली कर्मकार 

शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

ध्यान रखना ज़रूरी है

हर चीज़ को बनने में वक़्त लगता है तोड़ने में तो 1 Second ही काफी है | और एकबार कोई चीज़ टूट जाती है तो जोड़ना मुश्किल है | इसलिए हर एक चीज़ और हर एक रिश्ते का ध्यान रखना ज़रूरी है |

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

इज्ज़त

इज्ज़त पाने के लिए पहले इज्ज़त देना पड़ता है | यह बात छोटे-बड़े सभी के लिए एक ही समान मायने रखती है | बड़े, बच्चों के प्रति इतना सख्त रवैया अख्तियार न करें, कि बच्चों को अभिभावक के आगे डर के मारे छोटी-छोटी बातों को ले कर झूठ बोलना पड़े | और बच्चे कोई ऐसा काम न करें कि हमेशा उन्हें बड़ों के सामने झूठ बोलना पड़े | जिससे की बड़ों का भरोसा टूटे या बड़ों के भरोसे को ठेस पहुंचे। हर परिस्थिति में अपने आपको सहज बनाए रखना ही सबसे बड़ी कला है |